यादों के पन्ने
यादों के पन्ने
कर रहा है दिल कि बैठी रहूं मैं
इन ठंडी ठंडी हवाओं के बीच
भीग जाऊं इन बारिश की बूंदों में
कि मौसम बेईमान हो रहा है आज
बस में नहीं है अब मेरा ये दिल
खोने लगा है किसी की यादों में
किसी के प्यार की खुशबू बसी है इन यादों में
दिल फिर एक बार उनसे मिलने को करता है
कहता है कि इस बार मिलो तो उनसे,,,
ऐसे की दूर ना जा पाए वो फिर कभी तुमसे
इस बार उनकी यादों को नही उनको बसा लो दिल में।।

