STORYMIRROR

Supriya Devkar

Tragedy

3  

Supriya Devkar

Tragedy

यादे

यादे

1 min
27

तूम जानते तो हो

जरूरत है तुम्हारी हमे

हर पल याद आती है 

कैसे भूल पायेंगे तुम्हे

बैठे हो जाकर दूर 

ना होता है तुमसे मिलना 

यादो के साथ शूरू किया 

अकेलेही हमने चलना 

पगपग पे होता है एहसास 

तुम होती तो क्या होता 

सोच के दिल भर आता है

तुम नही हो है दिल को पता

अब यादोकी गठरी को 

संभाल रहे है हम

तुमको याद करके 

होती है आखें नम 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy