Abdul Rahman Bandvi
Action
देश के जवान शहीद हो गए अपने वतन के लिए
इसी दिन कुछ मशरूफ़ रहे अपने सनम के लिए
कुर्बान हो जाओ हिन्दोस्ताँँ की हिफाज़त के लिए
रहमान बाँदवी तैयार रहो नमक अदायगी के लिए।
सपना के चक्कर...
मजदूर हैं हम ...
आज़ादी
लड़की/स्त्री
मांग लिया संस...
रक्षाबंधन
तुम भी नहीं, ...
हालात-ए-मजदूर
इश्क़-ए-वतन
बेरोजगारी
एक और एक ग्यारह होते हैं इस कहावत को चरितार्थ किया। एक और एक ग्यारह होते हैं इस कहावत को चरितार्थ किया।
लहराएगा तिरंगा सबसे ऊंचा एक दिन जो देश को पुकारा जाना भारत महान बाकी है। लहराएगा तिरंगा सबसे ऊंचा एक दिन जो देश को पुकारा जाना भारत महान बाकी है।
यह जीवन है गतिमान आओ मिलकर गाएं जयगान। यह जीवन है गतिमान आओ मिलकर गाएं जयगान।
उन्होंने ही बनाया भारत को महान उन वीरों को मेरा सलाम। उन्होंने ही बनाया भारत को महान उन वीरों को मेरा सलाम।
बिजली भरे वीर रगों गजल भारती बहर मांग लो। बिजली भरे वीर रगों गजल भारती बहर मांग लो।
पिता का गुरूर, दादी की लाडली माँ की छवि, वो मेरी दीदी थी। पिता का गुरूर, दादी की लाडली माँ की छवि, वो मेरी दीदी थी।
ए धरती मां के दुलारो, ये देश तुम्हें शत् - शत् नमन है करता। ए धरती मां के दुलारो, ये देश तुम्हें शत् - शत् नमन है करता।
चाहे कुछ भी हो तुझ पर क्षुब्द, फिर भी लड़ना है तुझे ये कर्मयुद्ध। चाहे कुछ भी हो तुझ पर क्षुब्द, फिर भी लड़ना है तुझे ये कर्मयुद्ध।
न होता वो जलियाँवाला बाग हत्याकांड आप मानें। न होता वो जलियाँवाला बाग हत्याकांड आप मानें।
अब रूह का आलम ये है की आदमी के बटुये सी औकात याद दिला दी जाती है अब रूह का आलम ये है की आदमी के बटुये सी औकात याद दिला दी जाती है
तकलीफ़ दर्द के समय संयमित रहो एक दिन सूर्य की तरह प्रकाशमान बनोगे। तकलीफ़ दर्द के समय संयमित रहो एक दिन सूर्य की तरह प्रकाशमान बनोगे।
अखंड भारत का सपना साकार है करते आइये भारत माता की जय जय कार हैं करते। अखंड भारत का सपना साकार है करते आइये भारत माता की जय जय कार हैं करते।
हैवानों की वासनाओं का शिकार नारी कब तक होती रहेगी...? अब वक्त है की नारी खुद ही इसके खिलाफ कोई प्रहा... हैवानों की वासनाओं का शिकार नारी कब तक होती रहेगी...? अब वक्त है की नारी खुद ही ...
पानी बरसे कमतर, ज्यादा लहू बरसता आया हैं। पानी बरसे कमतर, ज्यादा लहू बरसता आया हैं।
लौह स्तंभ सा समाज बने, जिसे कोई न सकता तोड़। लौह स्तंभ सा समाज बने, जिसे कोई न सकता तोड़।
जब दुश्मन सर उठाएगा उसकी अर्थी वहीं उठ जाएगी। जब दुश्मन सर उठाएगा उसकी अर्थी वहीं उठ जाएगी।
तू आंखों में आए आँसू कम करना, मेरे जाने का दुनिया से ना गम करना। तू आंखों में आए आँसू कम करना, मेरे जाने का दुनिया से ना गम करना।
शत्रु न मुझे छूँ पाएगा तिरंगा गाड़ कर आऊँगा। शत्रु न मुझे छूँ पाएगा तिरंगा गाड़ कर आऊँगा।
हर सेनानी फौजी बनके है जीवित हमारे बीच खड़ा। हर सेनानी फौजी बनके है जीवित हमारे बीच खड़ा।
भारत भूमि और उनके सपूतों पे गर्व है हमें। भारत भूमि और उनके सपूतों पे गर्व है हमें।