Abdul Rahman Bandvi
Action
देश के जवान शहीद हो गए अपने वतन के लिए
इसी दिन कुछ मशरूफ़ रहे अपने सनम के लिए
कुर्बान हो जाओ हिन्दोस्ताँँ की हिफाज़त के लिए
रहमान बाँदवी तैयार रहो नमक अदायगी के लिए।
सपना के चक्कर...
मजदूर हैं हम ...
आज़ादी
लड़की/स्त्री
मांग लिया संस...
रक्षाबंधन
तुम भी नहीं, ...
हालात-ए-मजदूर
इश्क़-ए-वतन
बेरोजगारी
अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।। अद्भुत बालक क्रूर दानवता की दुष्ट प्रवाह पर प्रहार शिवा सत्य सत्यार्थ।।
एक एक कर मेघनाद ने शस्त्र अनेकों मार दिए मेघनाद ने हनुमान पर जाने कितने ही वार किए एक एक कर मेघनाद ने शस्त्र अनेकों मार दिए मेघनाद ने हनुमान पर जाने कितने ही वा...
उसके लिए भूगोल चाहे धरती का हो या स्त्री का एक ही उद्देश्य के निमित्त होता है। उसके लिए भूगोल चाहे धरती का हो या स्त्री का एक ही उद्देश्य के नि...
कितने कवि लेखक चले गये अब, साहित्य जगत में अकेला ही छोड़। कितने कवि लेखक चले गये अब, साहित्य जगत में अकेला ही छोड़।
उन सपनों को अब जीना चाहती हूँ तुम्हारे घर में एक छोटा सा कोना चाहती हूँ उन सपनों को अब जीना चाहती हूँ तुम्हारे घर में एक छोटा सा कोना चाहती हूँ
कल-कारखाने रचे उजाड़ जंगल, वन्य प्राणियों को आश्रयहीन किया। कल-कारखाने रचे उजाड़ जंगल, वन्य प्राणियों को आश्रयहीन किया।
राष्ट्रपति की बग्घी हमारे लिए बहुत उत्सुकता का कारण होती थी। राष्ट्रपति की बग्घी हमारे लिए बहुत उत्सुकता का कारण होती थी।
मनु जबकि मात्र 4 बरस की तभी माता का संग छूटा, जिम्मेदारी मनु की पिता तांबे के सर आयी, मनु जबकि मात्र 4 बरस की तभी माता का संग छूटा, जिम्मेदारी मनु की पिता तांबे क...
बीत जाते है शादी के ये चार दिन नेग चार, बन्ना बन्नी में बीत जाते है शादी के ये चार दिन नेग चार, बन्ना बन्नी में
सरहद चाहे देशों के बीच हो या दिलों के बीच, इंसान की ही बनाई हुई होती हैं। सरहदों का मतलब और मकसद ही ... सरहद चाहे देशों के बीच हो या दिलों के बीच, इंसान की ही बनाई हुई होती हैं। सरहदों...
पहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ, पहचान मुझे तुम क्या दोगे मैं ख़ुद अपनी पहचान हूँ,
चुप – चुप अम्मा मेरी रहती है लगता की सबसे वो रूठी है चुप – चुप अम्मा मेरी रहती है लगता की सबसे वो रूठी है
कौन कहता है कि गुलशन की जमीं उर्वर नहीं, कौन कहता है कि मेरा ये वतन कमजोर है। कौन कहता है कि गुलशन की जमीं उर्वर नहीं, कौन कहता है कि मेरा ये वतन कमजोर है।
कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं। कोई दवा मिलती ही नहीं, मैं रो पड़ता हूं। मैं लिखता हूं, मिटाता हूं।
वो नहीं जानते थे की उनकी खुले आम दिन दहाड़े नीलामी होगी वो नहीं जानते थे की उनकी खुले आम दिन दहाड़े नीलामी होगी
इनके बच्चे मासूम कितने, मिलते हैं नन्हे भोले-भाले, तरस खा लेना ओ भगवान, कहलाते तुम इनके बच्चे मासूम कितने, मिलते हैं नन्हे भोले-भाले, तरस खा लेना ओ भगवान, ...
सारा ही जीवन बेकार है, बिना ही प्यार के, सारा संसार भी तो बेकार है, बिना ही प्यार के सारा ही जीवन बेकार है, बिना ही प्यार के, सारा संसार भी तो बेकार है, बिना ही प...
स्त्री कि कोई परिभाषा नहीं है, क्योंकि स्त्री खुद एक परिभाषा है। स्त्री कि कोई परिभाषा नहीं है, क्योंकि स्त्री खुद एक परिभाषा है।
जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे जब अचानक से लड़कियों की शिक्षा लेकर मची थी क्रांति और लोग बंद करने लगे थे
अटल विचार है व्यवहार है जेठ की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है। अटल विचार है व्यवहार है जेठ की भरी दोपहरी के बिहारी प्रज्वलित मशाल है।