STORYMIRROR

Dr.Pratik Prabhakar

Romance

3  

Dr.Pratik Prabhakar

Romance

वक़्त आएगा

वक़्त आएगा

1 min
223

बिन फेरे हम तेरे

पर राह हैं टेढ़े मेढे

समाज परिवार की बात

खत्म होगी मुलाकात


क्यों न मना ले सभी को

तब हो अपने सांझ सवेरे

बिन फेरे हम तेरे।


रोकेगा जमाना हमें

पड़ेगा उन्हें बताना हमें

वक्त बदला, स्वीकार लें

वर्ना होगा चमन अंधेरे

बिन फेरे हम तेरे।


एक वक्त जरूर आएगा

सब कोई मान जाएगा

लेंगें तब फेरे भी

रखना बातें यादें मेरी

बिन फेरे हम तेरे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance