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Gaurav Shrivastav

Children Drama

4.9  

Gaurav Shrivastav

Children Drama

वो स्कूल की यारी

वो स्कूल की यारी

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वो यारो की यारी,

रहेगी हमेशा हमको प्यारी।


जब स्कूल न जाने के लिए बहाने बनाना ,

और दोस्तो का 'चल उठ' कह के हमे जगाना ।

स्कूल जाके मस्ती करना,

और कुछ सीखने की कोशिश करना।


वो स्कूल के शिक्षकों को चिढ़ाना,

और गलती की माफी के लिए गिड़गिड़ाना।

वो लंच ब्रेक में खेलने जाना,

और साथ में फिर खाना खाना।


खाने के बाद फिर नींद आना,

और दोस्तो का हमे शिक्षक से बचाना।

छूटते समय फिर धूम मचाना,

और अपने अपने घर को जाना।


वो स्कूल की पिकनिक में बाहर जाना,

और रात भर बस में नाचना-गाना।

वहाँ हर तरफ अपनी फोटो खीचना,

और दोस्तो के साथ यहा-वहां घूमना।


फिर आती है परीक्षा की बारी,

जिसमें बढ़ जाती है टेंशन हमारी।

और हमारे कम अंक होने से,

दोस्तो का हमे फुसलाना।


अंत मे जब परिणाम आना,

और दोस्तो का जो अलग हो जाना।

फिर एक दिन वापस उनसे मिलना,

वही मस्ती, वही धूम मचाना।


वो स्कूल की यारी,

है सारी दुनिया से न्यारी।


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