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Gaurav Shrivastav

Romance

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Gaurav Shrivastav

Romance

एक होने लगे।

एक होने लगे।

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सांसे तेरे लिए यारा मेरी चलने लगी,

बात बढ़ने लगी,

मोहब्बत होने लगी,

मन में तेरे लिए याद बनने लगी,

आंख लड़ने लगी,


मुलाकात होने लगी,

खामोशी मिटने लगी,

रूह तेरी मेरे करीब आने लगी,

लत तेरी मुझपर चढ़ने लगी।


दिल धक धक धड़कने लगा,

इश्क़ तेरा मेरा मुकम्मल होने लगा,

प्यार होने लगा सर चढ़ने लगा,

रिश्ता बढ़ने लगा,

धीरे धीरे तू दिल में बसने लगा,

तेरा मेरा मेल होने लगा,

और तू मेरा होने चुपके से होने लगा।

बस यूं ही मै तू और तू मै होने लगे,

हम एक होने लगे।


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