STORYMIRROR

Smita Rai

Children Stories

4  

Smita Rai

Children Stories

मातृत्व

मातृत्व

1 min
24.4K

दूर से आती अनजानी

कोई आहट पाकर


उड़ जाने वाली कबूतरी

आज निडर बैठी है


एक टक मुझे ताकती

आज उड़ना नहीं चाहती


आज वो डरना नहीं चाहती

उसने अंडे दिए हैं


आज वो कबूतरी "मां" है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Smita Rai