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स्वतंत्र लेखनी

Inspirational

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वो लड़की

वो लड़की

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वो लड़की मुझे बड़ी अच्छी लगती है

लिए एक मधुर मुस्कान,

और उस मुस्कान में छिपा होता है एक तूफान,

फिर भी वो दुःख के पवन को रोकती है,

वो लड़की मुझे बड़ी अच्छी लगती है।

उसकी हर हँसी में दिखती हैं मुझे सिसकियाँ,

आँखों में दिखते हैं अधूरे सपने,

और कोमल कंधों पर बड़ी जिम्मेदारियाँ,

पर बिना टूटे वो अनवरत चलती ही रहती है,

वो लड़की मुझे बड़ी अच्छी लगती है।

शौक को करती वो दरकिनार,

उसे बस चाहिए अपनापन और अपनों का प्यार,

सिर्फ आँखों में काजल लगा क्या खूब वो सजती है,

हाँ, वो लड़की मुझे बड़ी अच्छी लगती है।

संघर्ष पथ पर चलना है उसे,

ना भटकना है और ना पीछे मुड़ना है उसे,

यह सोच वह हर कदम आगे बढ़ती चलती है,

कोमलता में अपनी शक्ति लिए वो रहती है,

बस वो लड़की मुझे बड़ी अच्छी लगती है।


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