STORYMIRROR

स्वतंत्र लेखनी

Abstract Inspirational Children

4  

स्वतंत्र लेखनी

Abstract Inspirational Children

जो काँटों में राह बनाते हैं

जो काँटों में राह बनाते हैं

1 min
428

वो जो काँटों की राह में भी अनवरत चलते जाते हैं,

जो दुःख की घड़ी होने पर भी मुस्कुराते हैं,


जानते हैं कि संकट खड़ा है द्वार पर,

फिर भी ना बेकल होते और ना ही घबराते हैं।


वो जो संघर्ष में भी सजीव होते प्रतीत,

जो जीते हैं वर्तमान में और छोड़ देते पीछे अतीत,


ये वही हैं जो एक इतिहास रच जाते हैं,

जीवन की राहों पर बढ़ते निडर होकर और...

दूसरों को भी जीना सिखाते हैं।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract