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आनंद कुमार

Abstract Action Thriller

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आनंद कुमार

Abstract Action Thriller

वो खुद को बहकाए बैठे हैं

वो खुद को बहकाए बैठे हैं

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वो फूलों में खंजर छुपाए बैठे हैं,

हम ही खुद को बहकाये बैठें हैं।


अतह समुंदर है हम, 

वो हमारे सूखने की उम्मीद लगाए बैठे हैं 


हम चलें है जिनको मझधार में बचाने,

वो हमें डूबाने का ख्बाव सजाएं बैठे हैं।


तूफान हूं मैं, वो जानते हैं,

फिर भी हम से रास्तों में टकराए बैठे हैं।


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