STORYMIRROR

अजय पटनायक

Fantasy Others

2  

अजय पटनायक

Fantasy Others

वंदना

वंदना

1 min
81


आओ प्रभु मैं ध्यान लगाऊँ, केवल तुम्ही सहारे हो।

दर्शन दे दो दशरथ नंदन, अब तो तुम्ही हमारे हो।


उद्धार करो अब पाप हरो, द्वार तुम्हारे आया हूँ।

तन मन करता अर्पण तुमको, देने जीवन लाया हूँ।

नाम जपूँ दिन रात तुम्हारा, सूरज चन्दा तारे हो।

आओ प्रभु मैं ध्यान लगाऊँ ,केवल तुम्ही सहारे हो।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy