STORYMIRROR

Shweta Sonekar

Abstract Others

3  

Shweta Sonekar

Abstract Others

वक़्त

वक़्त

1 min
11


              

कमबख्त वक्त ने 

धोखा क्या दिया 

हर चेहरे के 

नकाब उतर गए 

दिल को गहरा 

सदमा तब लगा 

जब हर चेहरे 

अपनों के निकल गए



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract