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Minal Aggarwal

Tragedy

4  

Minal Aggarwal

Tragedy

वक्त के तीर

वक्त के तीर

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यह घर 

खंडहर में 

तब्दील हो जायेगा 

यह कमरों की दीवारें 

मलबे में 

बदल जायेंगी

तेरी हस्ती मिट जायेगी

तेरी दौलत लुट जायेगी

तेरा रंग उड़ जायेगा 

तेरा रूप बिगड़ जायेगा 

तेरे रिश्ते बिखर जायेंगे

तेरे अपने बिछड़ जायेंगे

तेरी तस्वीर धुंधला जायेगी

तेरी तकदीर की लकीर घिस जायेगी

यह महल 

यह रौनक 

यह ऐशो आराम 

किस काम के 

तूने जो 

खंजर चलाये औरों पे

उनका कुछ बिगड़े 

उससे पहले तो 

वक्त के तीर 

तेरे सीने को 

छलनी कर जायेंगे।


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