STORYMIRROR

Kavita Sharrma

Abstract

2  

Kavita Sharrma

Abstract

विस्मय

विस्मय

1 min
165

चांद तारों से सुशोभित आकाश

कितना सुन्दर दृश्य है ख़ास

झिलमिलाते तारों का चमकना

चांद का बादलों की ओट में कभी छुपना

दृष्टि डालो कभी प्रकृति की सुंदरता पर

 विस्मय होता है ईश्वर की कारीगरी पर


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract