विज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं
विज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं
भारत ऐसा देश,
जिसमें मंत्र तंत्र,
सबसे उपर।
हम कोई भी अनुष्ठान करते,
सबसे पहले पुरोहित बुलाते,
नक्षत्र विज्ञान समझते,
ग्रहों की चाल देखते,
उनका प्रभाव समझते,
फिर आगे कदम बढ़ाते।
सबसे हास्यप्रद यह,
उसका उपाय भी,
मंत्र तंत्र कर डालते।
और फिर वही ग्रह,
सही हो जाते,
हम वहीं अनुष्ठान कर डालते।
लाखों करोड़ों का,
फायदा उठाते।
कई बार,
पुरोहित जी,
लाख भद्दे ग्रह बताते,
लेकिन हम जोखिम उठा,
फिर भी,
वो अनुष्ठान कर डालते,
पुरोहित जी के,
वाक्य झूठे पड़ जाते।
इससे पता लगता,
हम अंधविश्वास में थे,
यूं ही वहम कर बैठे,
एक अच्छा मौका,
खो बैठे।
दुसरी तरफ,
हमने विज्ञानिक,
दृष्टिकोण अपनाया,
पुरोहित जी की बात को,
नकारा,
एक न्यायसंगत फैसला लिया,
और चांदी कूटी।
चलो सब लें,
एक प्रण,
हर बात का,
निर्णय करें,
गुण दोष के आधार पर।
लेकिन सबमें अपनाएं,
विज्ञानिक दृष्टि कोण।
