STORYMIRROR

Vikram Singh Negi 'Kamal'

Inspirational

4  

Vikram Singh Negi 'Kamal'

Inspirational

वीर सैनिक तुझे नमन

वीर सैनिक तुझे नमन

1 min
522

वो जो सीमा पर खड़ा है

आँखें चौकस है खुद वो चौकन्ना

सीने में फौलाद रखता है

इरादों में देशभक्ति लिए जवान।


उसको नमन है, प्रणाम है, है सलाम।।


वो जो दुश्मन के लिए बाधा है

शोला है, तपता है जैसे लावा

आँखों में मौत है दुश्मन की

सुला दे आतंकी को कब्रिस्तान।


उसको नमन है, प्रणाम है, है सलाम।।


वो भारत माँ की है लाज

जिस पर देश के भविष्य को नाज़

कंधों पर देश की हर जिम्मेदारी लिए,

आपदा में सबसे पहले उसका ही आहवान।


उसको नमन है, प्रणाम है, है सलाम ।।


वो इन्तजार करती माँ की आस

वो सूनी पड़ी बाँहों का विश्वास

हर घर का होता है वो सितारा

वो टूटे तो बिखर जाता है उनका जहान।


उसको नमन है,प्रणाम है, है सलाम।।


वो देश के रक्षक हैं

दुश्मन के भक्षक हैं

कदमों में ताल लिए बढ़ चले

वो सैनिक मेरे देश के अभिमान।


उनको नमन है, प्रणाम है, है सलाम।।


वीर हो तुम, धीर हो तुम

दुश्मन की मौत लिखती तकदीर हो तुम,

तेरी शौर्यगाथा का जब जब होगा बखान

आँखें नम होंगी, सीना गर्व से फूलेगा,

और करेंगे तेरा गुणगान।


तुझे नमन है, प्रणाम है, है सलाम।।


भारत माँ की जय!

भारत के वीर शहीदों की जय!

भारत की आन बान शान,

भारतीय सेना .. जिन्दाबाद।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational