वैलेंटाइन का असर छाया
वैलेंटाइन का असर छाया
हुआ प्रेम का आदान प्रदान ज़ब ,
प्रेयसी तुम प्रणय -कुंज में आईं !
ज्योतित करने अपना जीवन ,
अपने आँचल में प्रेम भर लाई !
अंतर में पुलकित होता ज़ब मन ,
सुर साज मधुर वाणी में बोली !
वैलेंटाइन दिवस के अवसर पर ,
गोरी को भाए छैला की अठखेली !
पल्लवित हो उठा मधुर यौवन ,
मंजरित हो गई सारी अमराई !
करती कुसुमित निज उपवन में ,
कोकिल कंठी प्रेमिका बौराई!
प्रणय दिवस पर प्रेमी युगल ,
सुरभित सरस जीवन पाते !
सौंदर्य सकल प्रेमा, प्रिय संग ,
अपने प्रीत के रंग में रंगते जाते !

