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Fahima Farooqui

Inspirational

3  

Fahima Farooqui

Inspirational

उत्सव की रात

उत्सव की रात

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उत्सव की रात आई उत्सव की रात!

झुमो, नाचो, गाओ ख़ुशियाँ मनाओ

ख़ुशियों की रात आई ख़ुशियाँ की रात!


हर चेहरे पर ख़ुशी झलक रही

पकवानों से गालियां महक रही

लेकर ख़ुशबू की सौगात आई

लेकर ख़ुशी ख़ुशियों की बारात आई!


दूर अमावस का हुआ अंधेरा

रोशन ख़ुशियों का आया सवेरा

हर द्वार पर रंगोली सजाओ

घर आँगन दीप जलाओ

ख़ुशियों वाली दीवाली मनाओ!

उत्सव की रात आई उत्सव की रात!

अपने पराए सब को गले लगाओ

ग़रीब, बेसहारा लोगों को 

खाना कपड़ा पहुँचाओ!

मिल बाँट कर ख़ुशियाँ मनाओ

उत्सव की रात आई उत्सव की रात!!



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