Participate in 31 Days : 31 Writing Prompts Season 3 contest and win a chance to get your ebook published
Participate in 31 Days : 31 Writing Prompts Season 3 contest and win a chance to get your ebook published

कदमों के निशान

कदमों के निशान

1 min 21.3K 1 min 21.3K

किसी ने हाथ बढ़ाया

दोस्ती के लिए

हमने ठान लिया

कि उसे जान देंगे,

वो मुट्ठी भर प्यार देगा

हम पूरा आसमान देगें,

आखिरी सांस तक

उसकी चाहतों पर

जान कुर्बान करेंगें|

वो हटेगा एक कदम पीछे

हम सौ कदम पीछे होंगे,

किसी के प्यार का एहसान नहीं लेगे|

प्यार हो या नफरत

हर जगह बढ़ चढ़ कर

मेरे कदमों के निशान होगे|


Rate this content
Log in

More hindi poem from Punita Singh

Similar hindi poem from Inspirational