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Shailaja Bhattad

Abstract Tragedy Inspirational

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Shailaja Bhattad

Abstract Tragedy Inspirational

उपहार

उपहार

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घुटकर घटने से अच्छा था, 

सलवटों को संवार लिया होता। 


घुटने टेकने से अच्छा था, 

इरादों को संभाल लिया होता।


हर मां में पिता तत्व, 

हर पिता में मां तत्व होता है। 


जब यह खिलकर आता है, 

संतान के लिए जीवन, 


खुशनुमा उपहार बन जाता है।


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