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Akshat Shahi

Abstract Others

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Akshat Shahi

Abstract Others

उड़ने वाले पेड़

उड़ने वाले पेड़

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हर साल कई झुंड़ो में आते हैं

कुछ नये कुछ पुराने साथी 

किसी पेड़ में बस सोने जाते हैं

कहीं बनाते हैं घोंसला 

किसी पेड के फल खाते हैं


कहीं लगाते है चौपालें

कुछ खास पेड़ हैं इस झुरमुट में

उन पर परिंदे बतियाने जाते हैं

सफर की कथा सुनाते हैं

आगे के राह बताते हैं


आकाश का विस्तार सुनाते हैं

 कभी विराट कभी खाली बताते हैं 

पंखों में कैसे भरती है हवा

हलके होना का एहसास सुनाते हैं


इन पेड़ों को सब समझ आता है

परिंदों के साथ परिंदों की तरह

इन पेड़ों को उठना आता है।


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