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Rajeev Tripathi

Abstract

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Rajeev Tripathi

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त्योहार और हम

त्योहार और हम

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त्योहार हमारे जीवन में आते हैं

सभी के चेहरे खिल खिल जाते हैं

हम सभी त्योहार हसी ख़ुशी से मनाते हैं

धार्मिक महत्व होता है सभी त्योहार का 

सभी त्योहारों को हम

रीति रिवाज से मनाते हैं

श्री राम लक्ष्मण जानकी चौदह

वर्ष के वनवास के बाद जब

अयोध्या नगरी लौटे 

दीपमाला से सजी अयोध्या नगरी तो

हमने दीपावली उत्सव मनाया 

हिरण्यकश्यप ने जब विष्णु भक्त पुत्र

प्रह्लाद को होलिका द्वारा

गोदी में ले जलवाना चाहा

वरदान प्राप्त होलीका जल गई

गोदी में प्रह्लाद को भगवान

विष्णु ने अग्नि से बचाया 

आज उन्हीं की याद में हमने 

होली उत्सव मनाया 

प्रेम और सौहार्द का त्योहार है होली

रंगोत्सव हम ने मिलकर मनाया 

वृत्रासुर से रक्षा हेतु युद्ध में

रानी इंद्राणी ने इंद्र को रक्षा सूत्र बांधा

युद्ध मैं देवराज इंद्र विजयी हुए

उन्हीं की याद में त्योहार

रक्षाबंधन कहलाया

भाई बहन के रिश्ते का

पवित्र बंधन ही

रक्षाबंधन कहलाया

हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई

सभी धर्मो के त्यौहार

धार्मिक परंपरा से जुड़े हुए हैं

सर्वधर्म सद्भाव से हमने 

हरेक त्योहार बनाया।


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