STORYMIRROR

Kaushambhi ___

Drama Romance Fantasy

4  

Kaushambhi ___

Drama Romance Fantasy

तू नहीं मेरा मगर...

तू नहीं मेरा मगर...

1 min
293

तू नहीं मेरा मगर तुझसे मोहब्बत है तो है।

यह अगर रस्मो रिवाजों से बगावत है तो है।


सच को मैंने सच कहा अब कह दिया तो कह दिया

अब ज़माने की नज़र में यह हिमाकत है तो है।


कब कहा मैंने कि तू मिल जाए मुझे और मैं तुझे

गैर न हो जाएँ बस इतनी सी हसरत है तो हैै।


जल गया परवाना अगर तोह क्या कहता है शम्मा की

रात भर जलने जलाने उसकी फितरत है तो हैै।


पास थे अब दूर होंगे जैसे ज़मीन और आसमान

दूरियों के बाद भी दोनों में कुर्बत है तो है।


तू नहीं मेरा मगर तुझसे मोहब्बत है तो है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama