STORYMIRROR

Aarti Sirsat

Abstract Romance Others

3  

Aarti Sirsat

Abstract Romance Others

"तू कल था तू आज भी है"

"तू कल था तू आज भी है"

1 min
247

"तू कल था तू आज भी है"


तुझे ही आँखों में बसाया है

तुझे ही आदतों में पाया है

मेरी आदतों में कहीं छुपा

तेरा एहसास भी है...


तू कल था तू आज भी है...।।


तुझ बिन जिन्दगी उदास सी है

लफ्ज बहुत है मगर खामोश है

तेरी यादों का पानी आँखों में

झलकता आज भी है...।


तू कल था तू आज भी है...।।।


तुझे खोया भी नहीं है

ना ही तुझे पाया है फिर 

भी तू मुझमें समाया है मुझ 

में धड़कता तू आज भी है...


तू कल था तू आज भी है...।।।।


  


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract