तू खुल कर जी ले
तू खुल कर जी ले
भोर की पहली किरण
गुनगुनाती है....
दरवाजे पर मेरे
हौले से दस्तक दे जाती है....
आ, जरा आंखें खोल
उम्मीदों के दरवाजे खोल....
दिन नया ये आया है
पैगाम हसीं ये लाया है....
होंगे तेरे सब सपने पूरे
बस हर पल तू खुल कर जी ले.........
