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Kanak Agarwal

Abstract Fantasy Inspirational

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Kanak Agarwal

Abstract Fantasy Inspirational

तू खुल कर जी ले

तू खुल कर जी ले

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भोर की पहली किरण

गुनगुनाती है.... 


दरवाजे पर मेरे

हौले से दस्तक दे जाती है.... 


आ, जरा आंखें खोल

उम्मीदों के दरवाजे खोल.... 


दिन नया ये आया है

पैगाम हसीं ये लाया है.... 


होंगे तेरे सब सपने पूरे

बस हर पल तू खुल कर जी ले......... 



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