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Blogger Akanksha Saxena

Abstract

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तुम्हारी दुनिया

तुम्हारी दुनिया

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तुम्हारी अक्लमन्द दुनिया के

भी अजीब किस्से हैं

जो आज खुल के सामने आया

वो कल गुमनामी में जिया

हमें अंधेरों में ही रहने दो

हम जुगनू ही अच्छे हैं |


तुम्हारी खूबसूरत दुनिया के

किस्से भी निराले हैं

जो प्रेम करता है

वो बदनामी के सायें हैं

हमें तन्हा ही रहने दो

हम तन्हा ही अच्छे हैं |


तुम्हारी रहस्यमयी दुनिया के

सच, झूठ के दीवाने हैं

इन्हीं उलझी सी बातों के

हम उलझे से किस्से हैं

हमें पागल ही रहने दो

हम पागल ही अच्छे हैं |


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