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Sunita Chavda

Abstract

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Sunita Chavda

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छोटी सी आशा

छोटी सी आशा

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जिंदगी जीते नहीं है कभी भी हम मर- मरके,

गम है भी तो क्या काटोंं पर भी चलते हैं हम हँस-हँसके


निश्चय ये कर लिया है हार नहीं मानेगें कभी क्यूंकि,

खुद से प्यार हमें है इतना


किसी से कुछ मिले ना मिलें तमन्ना यही है,

हम नाम अमर कर जाए जग में अपना..।


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