STORYMIRROR

Antariksha Saha

Romance

3  

Antariksha Saha

Romance

तर्पन

तर्पन

1 min
149

आए ना याद तेरी उनको

आए नहीं वो जिनका इंतजार था

छोड़ना होगा इस जगह को जिसने बांधे

हुए है


यह गली यह महुल्ला जो सबूत थे

उनका, सब वोही है

बस वो नहीं


इन धूल पड़े पन्नो मैं हम क्या ढूंढते है

कई सपने जो कभी पूढ़े नहीं होंगे

टूटे मकान कैसे बनाए

जो तूने सहेजा था अपने दिल से


इंतजार अभी भी हो रहा है

आयेगा एक दिन जब तेरी कमी उसे महसूस होगी

तब मैंने नहीं बात करना तुझ से

देखना इस तडपन का बदला मैं लूंगा।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance