STORYMIRROR

ପ୍ରିୟଦର୍ଶିନୀ ମହାନ୍ତି

Romance

4  

ପ୍ରିୟଦର୍ଶିନୀ ମହାନ୍ତି

Romance

तो मेरा क्या कसूर

तो मेरा क्या कसूर

1 min
82

अगर मेरे तकदीर में

तेरा नाम हो,

तो मेरा क्या कसूर.


अगर मेरे हाथों की लकीरें

खिंची हे तेरी ओर,

तो मेरा क्या कसूर


नदी को सागर से

भँवरे को फूल से

भला, रोक पाता है कोई चाहकर !


लाख कोशिश के बाबजूद

कर दी रब ने दरखास्त मंजूर,

तो मेरा क्या कसूर।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance