तन्हाई
तन्हाई
होश आया भी तो क्या आया
फिर एक जाम बना आया।
तुम्हारी यादों के मंजर भी क्या मंजर है,
नशा आते ही गुमनाम हो जाते हैं।
होश आया भी तो क्या आया
फिर एक जाम बना आया।
तुम्हारी यादों के मंजर भी क्या मंजर है,
नशा आते ही गुमनाम हो जाते हैं।