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Krishna Basera

Romance

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Krishna Basera

Romance

तन्हाई : दास्तान-ए-जुदाई

तन्हाई : दास्तान-ए-जुदाई

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वो तेरा दबे पाँव आना

वो तेरा यूँ ही मुस्कुराना

वो तेरे ख़्वाबों के समंदर

वो मेरा उनमें डूब जाना

वो तेरे वादे और वो कसमें

वो मेरी बिन निभायी हुयी रस्में

वो तेरा बेवजह रूठ जाना

वो मेरा हफ्तों तक मनाना

वो तेरे आँखों के झरने

वो मेरा फिर सब भूल जाना

वो तेरे लफ्जों का जादू

वो तेरा धीमे से गुनगुनाना

वो तेरी जुल्फों के सायें में

वो मेरा पल पल बिताना

वो तेरा मुझसे बिछड़ना

वो मेरा टूट जाना

वो तेरी मजबूरियाँ

वो मेरा बेबस हो जाना

वो तेरा दूर जाना

वो मेरा मायूस होना

वो तेरी जुदाई

वो मेरी मुझसे रिहाई


वो जो थी, अब तलक है दिल में जिन्दा

वो तेरी कमी, आँखों में नमी और "तन्हाई"।


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