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aazam nayyar

Children

3  

aazam nayyar

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तन्हा

तन्हा

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ग़ज़ल
 रूठा वो मुझसे ऐसा है
 यादों का ही अब लम्हा है

 निकली चाहत ऐसी उसकी
वादों से अपने झूठा है

 अश्कों से आँखें रोज़ भरी
 दिल जब से मेरा टूटा है

 आता न इधर उल्फ़त का गुल
 नफ़रत का पत्थर आता है

 आहें है तन्हाई की अब
 खोया मंजिल का रस्ता है

 भेज ख़ुदा कोई दोस्त मगर
 आज़म जीवन में तन्हा है

 आज़म नैय्यर


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