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aazam nayyar

Abstract Fantasy Thriller

4  

aazam nayyar

Abstract Fantasy Thriller

खूबसूरत लड़की

खूबसूरत लड़की

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एक लड़की ख़ूबसूरत कल मिली 

 चाँद सा चेहरा गुलाबी फ़ूल लब 


हुस्न की है चांदनी जैसे खिली 

पास से गुजरी जैसे कोई परी 


है निग़ाहे वो शराबी इस क़दर 

झूम जाता हूँ अगर जो देख लूं 


नींद आती ही नहीं है रात भर 

आ भी जाए तो दिखे वो ख़्वाब में


मुस्कुराहट आ रही है देखकर 

उसके गालो पे है ऐसा लालपन


चूड़ियां ऐसे बजे है कान में 

रस घुले जैसे मुहब्बत का कोई


मैं थका हुआ याद से आज़म उसकी 

जुल्फ़ों में उसकी ही सोऊ दिल करें।


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