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PRADEEP TIWARI

Romance

4  

PRADEEP TIWARI

Romance

तन और मन

तन और मन

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तेरा तन और मेरा मन बस टनाटन,

तेरा वो और मेरा वो बस टनाटन.

एक तू हा.... और एक मे ही.. टनाटन,

तेरी उह और मेरी आह बस टनाटन,

तेरी मासूमियत और मेरी मटरगस्ती बस टनाटन,

टन -टन, टन -टन बज़ता तेरा घुगरु और मेरा वो बस टनाटन,

तेरी वो काली - काली पतली सी मासूम सी छाया और मेरी वो काया बस यही टनाटन है,

तू सुशक रैत पर गिरे पानी की बनी डिज़ाइन सी शक्त और मे गर्म घी की कड़ाही मे बना घेवर बस टनाटन है 

मेरा मन तेरा तन और मेरा वो तनातन बस टनाटन 

तू मेरा शब्द मे तेरी मात्रा बस टनाटन,

ऐ मेरे मालिक बस तू रखना और बाकि सब टनाटन| 


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