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Renu kumari

Abstract Drama Romance

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Renu kumari

Abstract Drama Romance

तलाश

तलाश

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रात के आगोश में खोए कुछ पन्ने ढूंढ रही हूँ। 

तुम संग बीती यादों के में लम्हें ढूंढ रही हूँ। 


दिल तो बहुत चाहता है तुमसे ये कहना,

जाना ! उन पुराने कपड़ो पे तुम्हारी खुशबू ढूंढ रही हूँ। 


आना सपनो में कभी तो बताउंगी तुम्हें,

 वो एक रात जो तुम्हारी बाहों में गुज़री वो सुकून ढूंढ रही हूँ। 


वो तुम्हारा मुझे यूँ अलग अलग नामो से पुकारना,

उस आवाज़ में छुपी में वो हँसी ढूंढ रही हूँ। 


होना अगर मेरे तो पूरी सिद्दत से होना मेरे जाना,

जो कभी पूरी न हो सके में वो तक़दीर ढूंढ रही हूँ। 


सुनो, तुम खुश तो होना मेरे बिना,

तुम्हारी तस्वीर देख वो आँखों में बीती वो शाम ढूंढ रही हूँ। 


वो अनकही बातें जो तुमसे कह न पाई में,

तुझसे मोहब्बत करने का में अंजाम दुदनः रही हूँ। 


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