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Monika Jayesh Shah

Romance Fantasy

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Monika Jayesh Shah

Romance Fantasy

तकरार दिलों के अफसाने

तकरार दिलों के अफसाने

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कभी कभी लगता है.. क्या लिखे..

कोन पढ़ेगा.. और क्यों पड़ेगा।

बेतुकी सी बाते.. रूहानी सी यादें..

वो जो हमारी तुम्हारी थीं.. बहुत सी.. यादें.


कहीं दिल पर लगी वो सच्ची कड़वी बाते...

तकरार भरी जिंदगानी में कुछ पल सुकुन के..

कोन पढ़ेगा हमें.. कोन याद रखेगा हमें..

फिर क्यो लिखे हम मोहबब्त के किस्से..


राजो वफ़ा के दिल के अन्दर के हिस्से..

जब दिल टूट ही गया हमारा और तुम्हारा .

तो क्यों ना छोड़े उन बातो को उन यादों को..

उदास लम्हों को.. अपनी नजरों को..


कैसे कोई भुला दे उन गमों को..

जो तुमने हमें दर्द में दिए.. क्यों ?

कसूर सिर्फ वफ़ा का था..

हमारी संस्कार संस्कृति का था ..


क्यों ना समझे .. क्यों ना जाना हमे..

जब प्यार और चाहत बेशुमार थीं..

तो क्यों नहीं इज्जत की उस प्यार की तुमने ..

क्यों चले गए दिल रुसवा कर हमें..


ऐसा लगा हमे किसी ने हमे तोड़ दिया..

तन्हा हमें अकेला छोड़ दिया...

मोहब्बत ही की थी ना तुमसे..

चलो जाने दो अब कया अफसोस करना..


हम अपनी ज़िन्दगी में खुश है.. आप भी खुश रहो..

यही दुआ हम अपनें रब से रोज करते है हम..


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