तिरंगा - - दो शब्द
तिरंगा - - दो शब्द
तू ही मेरी
शान तिरंगा तू ही मेरी आन-
तू ही है अस्तित्व हमारा का तू ही है पहचान-
तुझको न हम
झुकने देंगे जब तक दम में दम-
आओ सारे मिल कर बोलें, मिल कर बोलें हम
वंदे मातरम् वंदे मातरम् वंदेमातरम्
दुश्मन की
करतूतों से खून सभी का खौला
सुखदेव, राजगुरू, भगत सिंह ने पहना मौत चोला-
बच्चा बच्चा धरती मां का यही शब्द तो बोला
मेरा रंग दे मेरा रंग दे-
मेरा रंग दे वसंती चोला माई रंग दे वसंती चोला-
तुझ पर तो
जान हमारी हजारों बार कुर्बान-
तू मेरी शान तिरंगा तू ही मेरी आन-
तू ही अस्तित्व हमारा तू ही है पहचान -
तुझको न हम
झुकने देंगे जब तक दम में दम-
आओ सारे
मिल कर बोलें, मिल कर बोलें हम -
वंदे मातरम् वंदे मातरम्, वंदे मातरम्-
न जाने राखी के
कितने धागे दर पर टूटे थे
कितने सपने कितने अरमां तेरे लिए तो छूटे थे-
कितने सिंदूरों ने
खेली तेरी खातिर होली थी -
कितनी सिसकियों में
दब गयी हंसी और ठिठोली थी-
कितनी मां के
आंचल हो गये खाली खाली-
फिर मां तो खड़ी रही ले आरती की थाली-
कितनों ने
हंसते हंसते दे दी अपनी जान-
तू मेरी शान तिरंगा तू ही मेरी आन-
तू ही है अस्तित्व हमारा तू ही है पहचान
तेरे खातिर
सब लुटा दे आंखें न हों नम
आओ सारे
मिल कर बोलें, मिल कर बोलें हम -
वंदे मातरम् वंदे मातरम् वंदे मातरम्
डुग्गी पीट संदेश
भिजवा दो पाकिस्तानी यारों को-
गली गली में
खोज खोज कर मारेंगे गद्दारों को-
अब गांधी का
देश नहीं जो चांटा खा मुस्करायेगा-
जो भी आंख
दिखायेगा वह छै इंच छट जायेगा-
सर उठा कर
इस दुनिया में जीयेगा हिंदुस्तान -
तू मेरी शान तिरंगा तू ही मेरी आन-
तू ही है अस्तित्व हमारा तू ही है पहचान-
तेरे खातिर
सब लुटा दे आंखें न हों नम तुझको न हम -
झुकने देंगे जब तक दम में दम-
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम-
हम रहें न रहें
जहां में सदा तू यूं ही लहरायेगा
विश्व विजेता
बनेगा इक दिन, दुनिया को दिखलायेगा
सदियों तक तेरा रहेगा यूं ही ऊंचा मान-
तू धड़कता
दिल है मेरा तू ही मेरी जान-
तू मेरी शान तिरंगा तू ही मेरी आन-
तू ही है अस्तित्व हमारा तू ही है पहचान-
तेरे खातिर सब लुटा दे आंखें न हों नम
तुझको न हम
झुकने देंगे जब तक दम में दम
वंदे मातरम वंदे मातरम वंदे मातरम
क्रमशः
