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Sandip Kumar Singh

Romance

4  

Sandip Kumar Singh

Romance

तिनका-तिनका

तिनका-तिनका

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तिनका-तिनका जर्रा-जर्रा है रोशनी से भरा,

जो ख़्वाब खो गया था फिर से आ गया है।


दिल के अरमानों में उफान आया है,

बेकरारी में अब करार आया है।


दिल पर एक नशा सा छा गया है,

अहसास और करार में खो गए हैं।


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