STORYMIRROR

Sonias Diary

Tragedy

4  

Sonias Diary

Tragedy

थाम लो

थाम लो

1 min
216

कोई तो थाम लो

जीवन दिया जिसने 

उसकी जीवन रूपी नाव को

कोई तो थाम लो

रिश्ते अनगिनत 

फिर भी अकेले हम सब 

रिश्तों को ना नहीं 

खून की कीमत 

कोई तो जांच लो...

जिसने संग निभाया 

तुम्हें चलना सिखाया 

उसे आज अपना 

थोड़ा सा ही सही 

कुछ तो साथ दो...

दूर से ही सही 

परछाई सा एहसास दो...

राहों में डर कर बैठना क्या 

माँ को जाते देखना क्या 

ये रिश्ता अनमोल ये रिश्ता...

आज पहले की तरह 

तुम फिर से एक आवाज दो....

अश्रु की धारा थकती नहीं 

आंखों की प्यास बुझती नहीं...

कुछ तो कहो 

कहो कुछ तो सुनो ....

ये पल आखिरी ना हो जायें कहीं 

इन पलों को थाम लो....

इन जाते पल थाम लो..!


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy