STORYMIRROR

Chetna Gupta

Tragedy

3  

Chetna Gupta

Tragedy

पानी

पानी

1 min
260

जो बहता था हर समुन्दर

झील नदी किनारे में कभी

वो अब नहीं दिखता हर कहीं,


जो शून्य की रकम में ही

गरीबों तक को मिलता था

अब बंद बोतलों का

मोहताज जो चला है,


जो जल बचपन मे भाई से

लड़ाई होने पे उसके

ऊपर गीरता था,


अब वो विश्व युद्ध तीन का

कारण है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Chetna Gupta

Similar hindi poem from Tragedy