Click here for New Arrivals! Titles you should read this August.
Click here for New Arrivals! Titles you should read this August.

Amit kumar

Romance Inspirational


4.2  

Amit kumar

Romance Inspirational


तेरी यादें

तेरी यादें

1 min 320 1 min 320

कहना था बहुत कुछ पर कुछ कह न

सका चाह कर भी  तुझको चाह न सका 


पास थी तू इतनी पर सोचता ही रहा

दिल में दबी बात तुझसे कह न सका 


अब सोचता हूँ बस इतना कि तेरे जाने का गम मनाऊँ

या तेरी यादों की ख़ुशी मनाऊँ 


अब कैसे तुझे भुला पाऊँ इन आँखों के आंसू

कैसे मैं रोक पाऊँ इन सासों में बसी है तू

इन सासों को कैसे रोक पाऊँ 


तेरे जाने का गम रो रो हम सहते हैं संभाल लेते हैं

अपने आपको क्योंकि दो दिलों की दूरी को ही प्यार कहते हैं। 


Rate this content
Log in

More hindi poem from Amit kumar

Similar hindi poem from Romance