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Sandeep Kumar

Romance

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Sandeep Kumar

Romance

तेरी मुस्कुराहट में जाने कैसा जादू है

तेरी मुस्कुराहट में जाने कैसा जादू है

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तेरी मुस्कुराहट में जाने कैसा जादू है

जो अच्छे-अच्छे हो जाते तेरे काबू में

चाहे कोई भी डूबा दे कितना ही प्यार में 

पर तेरी एक आहट से हो जाता बेकाबू है।।


पता नहीं ईश्वर ने तुममें ऐसी क्या घोली है

इतनी मीठी आवाज तुमने कैसे बोली है

जो सुनने को दिल बेकरार हो उठता है

और कहीं नहीं तेरे पास जी रहने को करता है।।


चंचल मन भटकता तेरी पास आकर ठहरता है

तेरे सिवा ना दिल कहीं और मेरा लगता है

यह कैसी बेचैनी है पता नहीं जाने-मन

लगता प्यार का झोंका है प्यार पाकर ठहरता है।।


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