STORYMIRROR

Sushila devi

Romance

3  

Sushila devi

Romance

तेरी खुशी

तेरी खुशी

1 min
204

ए दिल,तेरी खुशियों के बिना भी,ये जहां वीराना लगता है।

तेरी हँसी से ही तो,बहारों का आना सजता है।।

तुझसे जब एक पल भी बात न हो,

काजल भी आँखों में नही,जंचता है।

इस चेहरे पर न ही,कोई नूर का रंग फबता है।।

तेरी खुशी की तो हर पल,मैंने मांगी है दुहाई।

तेरा खामोश होने पर,होती है बहुत रुसवाई।।

आ तू भी देख ले,तेरी हँसी के बगैर कितने उदास हुए हम।

ए दिल,रब से एक ही दुआ मांगी हमने,कभी आँखे तेरी हो न नम।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance