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Sushila devi

Abstract

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Sushila devi

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दिल

दिल

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दिल की तो माने,बस इतनी सी बात।

जो हर समय दे खुशियों की सौगात।।

दिल की बात सुनते हैं,तो दिमाग की रह जाती है।

दिल की बातें तो हर हाल में आँखे ही कह जाती हैं।।

आत्मा पर कभी हावी न होने देना इस दिल को।

कभी-कभी ये नकारा बना देती,इंसान-ए-काबिल को।।

चाहें कुछ भी हो,पर दिल से ही दुनिया में जन्नत है।

चेहरे का नूर,होठों की हँसी तो दिल की मांगी मन्नत है।।

बस दिल के बारें में,एक ही तथ्य को सार्थक कर जायें।

खुशी न दे पाओं तो कोई बात नही,पर कभी किसी का दिल न दुखायें।।


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