तेरी खुशबू
तेरी खुशबू
छू जाता है तेरा अहसास मेरे मन को
कौन कहता है मुलाकात नहीं होती हमारी
टिमटिमाते तारों की ओढ़नी ओढ़े
आसमां चमचमाती रात सजाएं बैठा है,
तेरा अहसास मेरे मन में
तेरे साथ का सपना सजाए बैठा है
आंखें जो बंद की हमने यारा
बंद आंखों में भी सिर्फ तेरा चेहरा ही नजर आए
एक खूबसूरत सा एहसास है यह जो
तेरी खुश्बू से मन को महका जाए।

