तेरे-मेरे बीच में
तेरे-मेरे बीच में
तेरे - मेरे बीच में अब क्या बचा ?
एक बंद ताला,
एक रस्सी,
जिससे बंधी मेरे दिल की कश्ती।
तेरा प्यार पाने को
मैं तड़पी कई बार,
तूने मुझे मगर,
दिये ज़ख्म हर बार।
तेरे-मेरे बीच में अब क्या बचा ?
तेरा भेजा एक दिल,
ज़िस पर छपा तेरा प्यार,
जो रूलाता मुझे देख हर बार।
मैंने थामा उसे,
ये सोच कि तू लौट आयेगा,
वो बंधा रहा,
क्योंकि अपने अंश से वो अब टकरायेगा।।

