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Shubham Rawat

Abstract

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Shubham Rawat

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तेरे चले जाने के बाद

तेरे चले जाने के बाद

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तेरे चले जाने के बाद 

घर में मकड़ी के जाले लग गए

खुशियां भी तेरे साथ चले गई 

अब यह घर शमशान हो गया है

मुझे देर रात तक नींद नहीं आती है 

सुनकर तेरा पसंदीदा गाना मैं सो जाया करता हूं

जब तेरी याद मुझे खाने लगती है 

तेरी साड़ी को गले से लगा लेता हूं

मैं उंगलियों में अपने बचे दिन गिनता हूं

फिर तुझसे मिलने की दूरी मुझे खाने लगती है

सात जन्मों के सात फेरे साथ-साथ लिए 

पर यह मौत साथ में क्यों नहीं आती है

तेरे चले जाने के बाद 

यह तन्हाई मुझे खाने लगी है।


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