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Madhurendra Mishra

Romance

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Madhurendra Mishra

Romance

तेरे बिना

तेरे बिना

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तेरे बिना हर एक लम्हा फिजूल-सा लगता है,

तेरे बिना हर एक सपना न कबूल-सा लगता है।


जीने की कोई चाहत नहीं होती है,

तेरे बिन ज़िन्दगी में कोई आहट नहीं होती है।


यूँ न तो वक़्त बिता पाते हैं,

न ही अपने मन से तेरी यादें मिटा पाते हैं।


हाँ कुछ खता हुई थी मुझसे,

कुछ खता हुई थी तुमसे।


आज भी मनाना चाहते है तुमको,लेकिन तुम वक़्त देना नहीं चाहते मुझको।


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