STORYMIRROR

Dr.rajmati Surana

Romance

3  

Dr.rajmati Surana

Romance

तेरे बिन

तेरे बिन

1 min
410

तेरे बिन जिदंगी अधूरी सी लगती हैं,

मुझे तो तुम बिन सहमी-सहमी सी लगती है।


रात दिन ऑखों में तू ही बसता है मेरे,

तुम बिन इन ऑखों में कुछ नमी सी लगती है।


तुम बिन दिल की बेचैनियाँ बढ जाती हैं,

दिल में दर्द और बहकी बहकी सी लगती हैं।


तुम नहीं होते हो पास मेरे तो दिल रहता उदास,

उदास लम्हों में जिदंगी बेगानी सी लगती हैं।


हर लम्हा बस तेरा ही इंतजार करती हूँ मैं,

तुम से मिलने की चाहत मुझे अपनी सी लगती है।


तुम बिन न मेरे सांसें भी कहाँ चल पाती हैं,

तेरे इश्क की चाह में में ऑखे भीगी सी लगती हैं।


आँखों के रतजगे और करवटों में गुजरता है वक्त,

इश्क तुम से इतना तेरी हर अदा अच्छी सी लगती है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance