STORYMIRROR

Mukesh Kumar Modi

Inspirational

4  

Mukesh Kumar Modi

Inspirational

तेरा आने वाला कल

तेरा आने वाला कल

1 min
243

जीवन यात्रा में समय का पहिया चलता ही जाता

गुजरा हुआ समय कभी फिर से वापस ना आता


आएंगे मोड़ अनेकों और मिलेगी पथरीली ज़मीन

हिचकौले खाए बिना ये सफर बनता नहीं हसीन


पीड़ा अनुभव किए बिना सुख का ना कोई मोल

हर चनौती को स्वीकार कर मत कर टालमटोल


अवसर यदि गंवाएगा तो कुछ भी कर ना पाएगा

पछतावे के आंसू बहाकर हाथ मलता रह जाएगा


निष्क्रिय होकर मत बैठ कर्मक्षेत्र पर उतरता चल

तेरे कर्मों से सुखमय बनेगा तेरा आने वाला कल।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational